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4 अप्रैल 2017, चैत्र शुक्ल 8 नवरात्रि Jyotish.pt mukesh gaur jaipur Mobile....09829452307 http://www.astroyatra.com नवदुर्गा हिन्दू धर्म में माता दुर्गा अथवा पार्वती के नौ रूपों को एक साथ कहा जाता है। इन नवों दुर्गा को पापों की विनाशिनी कहा जाता है, हर देवी के अलग अलग वाहन हैं, अस्त्र शस्त्र हैं परंतु यह सब एक हैं। निम्नांकित श्लोक में नवदुर्गा के नाम क्रमश: दिये गए हैं-- प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी। तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति. चतुर्थकम्।। पंचमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति.महागौरीति चाष्टमम्।। नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गा: प्रकीर्तिता:। उक्तान्येतानि नामानि ब्रह्मणैव महात्मना:।। महागौरी माँ दुर्गाजी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। दुर्गापूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों को सभी कल्मष धुल जाते हैं, पूर्वसंचित पाप भी विनष्ट हो जाते हैं। महागौरी : मां दुर्गा का आठवां स्वरूप नवरात्रि में दुर्गा पूजा के अवसर पर बहुत ही विधि-विधान से माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-उपासना की जाती है। आइए जानते हैं आठवीं देवी महागौरी के बारे में :- यह अमोघ फलदायिनी हैं और भक्तों के तमाम कल्मष धुल जाते हैं। पूर्वसंचित पाप भी नष्ट हो जाते हैं। महागौरी का पूजन-अर्चन, उपासना-आराधना कल्याणकारी है। इनकी कृपा से अलौकिक सिद्धियां भी प्राप्त होती हैं। नवरात्रि में आठवें दिन महागौरी शक्ति की पूजा की जाती है। नाम से प्रकट है कि इनका रूप पूर्णतः गौर वर्ण है। इनकी उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से दी गई है। अष्टवर्षा भवेद् गौरी यानी इनकी आयु आठ साल की मानी गई है। इनके सभी आभूषण और वस्त्र सफेद हैं। इसीलिए उन्हें श्वेताम्बरधरा कहा गया है। 4 भुजाएं हैं और वाहन वृषभ है इसीलिए वृषारूढ़ा भी कहा गया है
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वृषभ राशि में मंगल का गोचर (13 अप्रैल से 27 मई) Pt.mukesh gaur 9829452307 www.astrologyservicesindia.in ज्योतिष शास्त्र में मंगल ग्रह को आत्मविश्वास, अहंकार, वीरता, पराक्रम, साहस और शारीरिक ऊर्जा का कारक माना जाता है। मंगल के शुभ प्रभाव से मनुष्य के अंदर इन सभी गुणों की वृद्धि होती है और अशुभ प्रभाव से विपरीत फल देखने को मिलता है। मंगल का सीधा प्रभाव मनुष्य के साहस, वीरता और आत्मविश्वास पर पड़ता है। मंगल ग्रह कल यानि की 13 अप्रैल 2017 गुरुवार को सुबह 4 बजकर 31 मिनट पर मेष राशि से निकलकर वृषभ राशि में प्रवेश करेगा और 27 मई शनिवार, रात 1 बजकर 53 मिनट तक यही स्थित रहेगा। मंगल के इस वृषभ राशि में गोचर का सभी राशियों पर क्या असर होगा ये यहाँ पे प्रस्तुत कर रहा हूं और यह राशि फल जातक की चन्द्र राशि पर आधारित बहुत ही सामान्य आधार पर है अतः किसी विशेष परिस्थिति में अपनी कुंडली की जाँच किसी अच्छे ज्योतिष से कराकर ही किसी नीष्कर्ष पर पहुंचे। अच्छे या बुरे परिणाम आपकी वर्तमान दशा- अंतर दशा पर भी निर्भर करते हैं। *🐑मेष :~ अ, ल, इ🐑* मंगल ग्रह आपकी राशि से दूसरे भाव में गोचर करेगा। वैदिक ज्योतिष में द्वितीय भाव भाषा, संचार, भोजन, धन और पैतृक परिवार से संबंधित होता है। मंगल के प्रभाव से आपकी वाणी में कड़वाहट बढ़ सकती है और आप अचानक क्रोधित हो सकते हैं और इस वजह से आपके निजी संबंध प्रभावित हो सकते हैं। अचानक धन लाभ के योग भी बन रहे हैं।अपनी सेहत का ध्यान रखें । और संयमित भोजन और व्यायाम करें। इस अवधि में बच्चों का समय बहोत आनंद से गुजरेगा। वे लोग जो कोई भी परीक्षा दे रहे हैं उन्हें बेहतर परिणाम मिलने की संभावना है।आपको अपने लक्ष्यों की प्राप्ति के लिए पूर्ण समर्पण के साथ प्रयत्न करना होगा। जीवन साथी की सेहत का ध्यान रखें। अविवाहतो के लिए अच्छे समाचार मिल सकते हैं। *🐂वृषभ :~ ब, व, उ🐂* मंगल ग्रह आप ही की राशि में यांनी की प्रथम स्थान में गोचर करेगा और प्रथम भाव में स्थित होगा। ज्योतिष में प्रथम भाव मनुष्य के व्यक्तित्व और उसके गुणों को दर्शाता है। चूंकि मंगल उग्र स्वभाव का ग्रह है। इस वजह से आपके स्वभाव में हठ और उग्रता देखने को मिल सकती हैं और इससे आपके आसपास रहने वाले व्यक्ति प्रभावित हो सकते हैं, इसलिए इस अवधि में अपने क्रोध पर नियंत्रण रखें। जीवन साथी आपके प्रति समर्पित रहेगा लेकिन अगर आप अपने स्वभाव में परिवर्तन नहीं लाते हैं तो परिणाम इसके विपरीत हो सकते हैं। खून से संबंधी कोई बीमारी परेशान कर सकती है। सभी संबंधी और नजदीकी लोगों का सम्मान करें, विशेषकर अपने से विपरीत लिंगी लोगो से अच्छे संबंध बनाकर चलें। *💑मिथुन :~ क, छ, घ💑* मंगल ग्रह आपकी राशि से बारहवे भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में द्वादश भाव शयन सुख, विदेशी संबंध, विदेश यात्रा, व्यय, मोक्ष को दर्शाता है। यह समय आपके लिए चुनौतीपूर्ण रह सकता हैं। आपके खर्चों में बढ़ोतरी हो सकती हैं। वित्तीय संकट का सामना करना पड़ सकता है। आप अपनी वर्तमान नौकरी या काम छोड़कर किसी दूसरे स्थान पर जाना पड़ सकता हैं।आपको अचानक विदेश जाने के अवसर मिल सकते है। स्वभाव में उग्रता से बचें वरना किसी से मनमुटाव हो सकता हैं। अपने जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें और इस अवधि के दौरान विवादों से बचने की कोशिश करें। मंगल के प्रभाव से इस समय में आपको नई ऊर्जा और ताजगी मिलेगी। कई बार मंगल का ये गोचर शत्रुओ पर विजय दिलाता है। *🦀कर्क :~ ड, ह🦀* मंगल ग्रह आपकी राशि से ग्यारहवे भाव में गोचर करेगा। एकादश भाव आकांक्षा, लाभ सफलता, आमदनी और बड़े भाई-बहनों से संबंधित होता है। मंगल के गोचर की इस अवधि में आपको बड़ा लाभ प्राप्त हो सकता है। आपके बौद्धिक ज्ञान में बढ़ोतरी होगी। आप जो भी काम कर रहे हैं समझदारी और निपुणता के साथ करें आपको निश्चित ही सफलता मिलेगी। कार्य स्थल पर वरिष्ठ अधिकारीओ से किसी भी प्रकार के वादविवाद से बचें। इस समय अपनी वर्तमान नौकरी को बदलने के बारे में सोच सकते हैं। अविवाहित लोग को प्रेम प्रसंग बन सकता हैं अथवा कुछ लोग नए रिश्ते बना सकते हैं। अपने प्रेम प्रसंग के मामलों में गुस्सा न दिखाये और संयम से काम लें वरना मनमुटाव हो सकता हैं। *🦁सिंह :~ म, ट🦁* मंगल ग्रह आपकी राशि से दशम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में दशम भाव कर्म, व्यवसाय, नाम और प्रसिद्धि से संबंधित होता है। मंगल की गोचर की इस अवधि के दौरान कार्य स्थल पर आपको प्रसिद्धि मिलेगी और आपके काम को पहचान मिलेगी लेकिन साथ में इस दौरान ऑफिस पॉलीटिक्स और विवादों से दूर रहने की कोशिश करें। बेवजह की अफवाहों पर ध्यान न दें। इस अवधि में आप नया वाहन या संपत्ति खरीदने के बारे में सोच सकते हैं। आपके बच्चों की सेहत का ध्यान रखें। प्रेम संबंध में सावधानी से आगे बढे। उच्च शिक्षा के लिए विदेश जाने की योजना बन सकती हैं। विद्यार्थी वर्ग को पढ़ाई में बेहतर परिणाम मिल सकते है। पिता की सेहत अच्छी रहेगी। *👸🏼कन्या :~ प, ठ, ण👩* मंगल ग्रह आपकी राशि से नौवे भाव में गोचर करेगा। यह भाव किस्मत, शोहरत और लंबी यात्राओं को दर्शाता है। मंगल के गोचर की अवधि में आपको उतार-चढ़ाव देखने को मिलेंगे, इसलिए संयम और मजबूती के साथ काम लें जीत आप ही की होगी। इस अवधि में आप किसी लंबी दूरी की यात्रा पर जा सकते हैं। अपने माता-पिता के स्वास्थ का ख्याल रखें। भाग्य आपको साथ देगा और सभी चीजें आपके पक्ष में होंगी। आपका हुनर और निखरेगा।धार्मिक कार्यो के प्रति झुकाव बढ़ेगा। *⚖तुला :~ र, त⚖* मंगल ग्रह आपकी राशि से आठवे भाव में गोचर करेगा। अष्टम भाव जीवन, दीर्घायु और अचानक होने वाली घटनाओं से संबंधित होता है। गोचर की इस अवधि में आपको स्वास्थ्य संबंधी कुछ परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। धन खर्च हो हो सकता है लेकिन अच्छी आमदनी के योग भी बन रहें हैं। रक्त संबंधी रोग, बुखार और मौसमी बीमारी बचना होगा अच्छी सेहत के लिए खानपान पर विशेष ध्यान दें। महिलाओं को स्त्री रोग से संबंधी परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है। कार्य स्थल पर आप अपने कठिन परिश्रम की वजह से अपने लक्ष्यों को प्राप्त कर सकेंगे और आपकी पदोन्नति होने की संभावना भी बन सकती हैं। *🦂वृश्चिक :~ न, य🦂* मंगल ग्रह आपकी राशि से सातवे भाव में गोचर करेगा। सप्तम भाव व्यवसायिक साझेदारी, आजीविका, दाम्पत्य और विवाह से संबंधित होता है। मंगल के गोचर की इस अवधि में आप जीवन साथी के प्रति समर्पित रहेंगे और जीवन साथी भी आपकी भावनाओं की कद्र करेगा और आपके प्रति समर्पण का भाव रखेगा और ऐसा ही सुखमय वैवाहिक जीवन व्यतीत करने के लिए क्रोध और अहंकार करने से बचें। इस अवधि में वाहन चलाने में सावधानी बरतें। व्यवसायिक जीवन में प्रगति हो सकती हैं। बेवजह किसी विवादों में न उलझे। घरेलू मोर्चे पर आप किसी मनमुटाव से बचें खास करके परिवार के लोगों के साथ क्वालिटी समय बिताने की कोशिश करें। आमदनी में वृद्धि के योग बन रहे हैं। *🏹धनु :~ भ, ध, फ🏹* मंगल ग्रह आपकी राशि से षष्टम भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष के अनुसार छठा भाव आपके शत्रु, विरोधियों, रोग और ऋण से संबंधित होता है। मंगल के गोचर की इस अवधि में आप अपने विरोधियों की तुलना में अधिक सफलता प्राप्त करेंगे। यदि कोई कायदाकिय प्रकरण चल रहा है तो फैसला आपके पक्ष में हो सकता हैं। इस दौरान विदेश यात्रा के योग भी बन रहे हैं जो की आपके लिए सुखद साबित हो सकती हैं। आपको आपकी मेहनत के अच्छे परिणाम प्राप्त होंगे। आपका खानदानी व्यवसाय नई ऊंचाइयों को छुएगा। अपने जीवनसाथी की सेहत का ध्यान रखें। इसके अलावा आपको संतुलित और पोषण युक्त भोजन करने कीवऔर बाहर का खाना खाने से बचने की सलाह है। *🐏मकर :~ ख, ज🐏* मंगल ग्रह आपकी राशि से पांचवे भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में पंचम भाव शिक्षा, बौद्धिक और प्रेम प्रसंग और संतान संबंधित होता है। मंगल के गोचर की इस अवधि में आपकी आमदनी बढ़ने की संभावना है। इस दौरान आप अधिक से अधिक धन अर्जित कर सकेंगे और आप खर्च कम और बचत ज्यादा करेंगे। इस अवधि में प्रॉपर्टी से भी आपको अच्छा लाभ होगा। बच्चों से प्यार बढ़ेगा।अपने किसी प्रिय व्यक्ति से मुलाकात होने की संभावना है। मंगल के गोचर की इस अवधि में किसी के लिए भी गलत न बोलें तथा अपनी वाणी पर नियंत्रण रखें। प्रेम संबंधों में थोड़ा संयम बरतें। *⚱कुंभ :~ ग, स, श, ष⚱* मंगल ग्रह आपकी राशि से चौथे भाव में गोचर करेगा। ज्योतिष में चतुर्थ भाव जीवन में खुशियां, वाहन, माता और स्थावर संपत्ति आदि से संबंधित होता है। मंगल के गोचर की इस अवधि में आप नई संपत्ति या भूमि खरीदने के बारे में सोच सकते हैं। पारिवारिक जीवन में छोटे-मोटे विवाद होने की संभावना बन सकती हैं लेकिन आपकी समझदारी से ऐसी स्थिति से बच सकते हैं। माँ से प्रेम बढ़ेगा लेकिन साथ में उनकी सेहत का भी ख्याल रखें। आपके स्वयं के स्वास्थ का भी ध्यान रखें और संतुलित आहार लें। अपने कार्य क्षेत्र में आपको अच्छी सफलता मिलने की संभावना है। इस अवधि में आपकी आय अच्छी होगी और आप भौतिक सुख-सुविधाओं पर खर्च करेंगे। इस दौरान जीवन साथी के साथ किसी अनबन से बचना होगा। *🐠मीन:-द, च, झ, थ🐠* मंगल ग्रह आपकी राशि से तीसरे भाव में गोचर करेगा। तृतीय भाव जो कि हुनर, कौशल, पराक्रम और भाई-बहनों को दर्शाता है। मंगल के गोचर की इस अवधि में आप बेहद ऊर्जावान रहेंगे और जीवन में फिर से कुछ नया करने की कोशिश करेंगे। इस अवधि में आपके भाई-बहन के स्वभाव में चिड़चिड़ापन देखने क जो उनकी सबसे बड़ी समस्या होगी। इस गोचरीय परिवर्तन में आप वर्तमान नौकरी को छोड़कर नई जॉब के बारे में सोच सकते हैं। व्यवसाय के लिए यात्राएं आपके लिए लाभकारी होंगी। आप अपने विरोधियों पर हावी रहेंगे और उन्हें परास्त कर देंगे। सफलता आपके कदमों में होगी लेकिन आपको लगातार मेहनत भी करनी होगी।अगर आप कोई नया काम शरू करना चाहते हो तो उसमें सफलता मिलेग|
🌷🌷🌷पंचांग🌷🌷🌷 10 अप्रैल 2017, सोमवार www.astroyatra.com विक्रम संवत - 2074 अयन - उत्तरायण गोलार्ध - उत्तर ऋतु - बसन्त मास - चैत्र पक्ष - शुक्ल तिथि - चतुर्दशी नक्षत्र - हस्त योग - ध्रुव करण - वणिज राहुकाल :- 07:30 AM - 09:00 AM सूर्योदय - 06:05 सूर्यास्त – 18:43 🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉 व्रत उत्सव व पर्व - सत्यनारायण व्रत। दिवस - गुरू हरकिशन जोति जोत। 🌷🌷🌷विशेषः-🌷🌷🌷 यह दुर्गा उपासना का विशेष दिवस हैं। इस दिन लक्ष्मी व विष्णु की इकट्ठी पूजा करने का विधान है।🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 चोघड़िया मुहूर्त- एक दिन में सात प्रकार के चोघड़िया मुहूर्त आते हैं, जिनमें से तीन शुभ और तीन अशुभ व एक तटस्थ माने जाते हैं। इनकी गुजरात में अधिक मान्यता है। नए कार्य शुभ चोघड़िया मुहूर्त में प्रारंभ करने चाहिएः- दिन का चौघड़ियारू. चौघड़िया प्रारंभ अंत विवरण अमृत 06:00 07:36 शुभ शुभ 09:11 10:47 शुभ लाभ 15:33 17:09 शुभ अमृत 17:09 18:44 शुभ रात्रि का चौघड़िया चौघड़िया प्रारंभ अंत विवरण लाभ 22:56 00:23 शुभ शुभ 01:47 03:11 शुभ अमृत 03:11 04:35 शुभ www.astroyatra.com शुभ हितैषी मुकेश gaur मोबाईल नं: 98294-52307
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