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🌷🌷🌷पंचांग🌷🌷🌷 12 अप्रैल 2017, वुधवार www.astroyatra.com विक्रम संवत - 2074 अयन - उत्तरायण गोलार्ध - उत्तर ऋतु - बसन्त मास - वैशाख पक्ष - कृष्ण तिथि - प्रतिपदा नक्षत्र - स्वाति योग - हर्षण करण - कौलव राहुकाल:- 12:00 PM - 01:30 PM सूर्योदय - 06:02 सूर्यास्त - 18:44 🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉 व्रत उत्सव व पर्व - वैशाख व्रत। दिवस - तुलसी विष्णु पूजा। 🌷🌷🌷विशेषः-🌷🌷🌷 वैशाख मास में किसी तीर्थ स्थान पर स्नान कर चन्दन से विष्णु की पूजा करें। पशु पक्षियों व जीवो के लिए जल का प्रबन्ध करें। यह मास पुण्य क्रम में बढौतरी कर सौभाग्यशाली बनाने में सहयोग करता है। दिन का चौघड़िया चौघड़िया प्रारंभ अंत विवरण लाभ 05:58 07:34 शुभ अमृत 07:34 09:10 शुभ शुभ 10:46 12:22 शुभ लाभ 17:09 18:45 शुभ रात्रि का चौघड़िया चौघड़िया प्रारंभ अंत विवरण शुभ 20:09 21:33 शुभ अमृत 21:33 22:57 शुभ लाभ 03:09 04:33 शुभ www.astroyatra.com शुभ हितैषी मुकेश गौड़ मोबाईल नं: 9829452307
पंचांग 08 अप्रैल 2017, शनिवार www.astroyatra.com विक्रम संवत - 2074 अयन - उत्तरायण गोलार्ध - उत्तर ऋतु - बसन्त मास - चैत्र पक्ष - शुक्ल तिथि - द्वादशी नक्षत्र - पूर्वा फाल्गुणी योग - गंड करण - बालव राहुकाल:- 09:00 AM – 10:30 AM सूर्योदय - 06:07 सूर्यास्त - 18:42 व्रत - शनि प्रदोष व्रत। अनंन्ग त्रयोदशी। उत्सव - श्री विष्णु दमनोत्सव। पर्व - मीनाक्षी कल्याणम्। विशेषः- सन्तान की सुख समृद्वि के लिए यह सबसे श्रेष्ठ व्रत है। इस दिन भोजन का अनादर नही करना चाहिये। विद्यार्थियों को सूर्य नमस्कार करना चाहिये। चोघड़िया मुहूर्त- एक दिन में सात प्रकार के चोघड़िया मुहूर्त आते हैं, जिनमें से तीन शुभ और तीन अशुभ व एक तटस्थ माने जाते हैं। इनकी गुजरात में अधिक मान्यता है। नए कार्य शुभ चोघड़िया मुहूर्त में प्रारंभ करने चाहिएः- दिन का चौघड़िया चौघड़िया प्रारंभ अंत विवरण शुभ 07:37 09:12 शुभ लाभ 13:58 15:33 शुभ अमृत 15:33 17:08 शुभ रात्रि का चौघड़िया चौघड़िया प्रारंभ अंत विवरण लाभ 18:43 20:08 शुभ शुभ 21:33 22:58 शुभ अमृत 22:58 00:21 शुभ लाभ 04:36 06:01 शुभ www.Astroyatra.काम शुभ हितैषी मुकेश गौड़ मोबाईल नं: 9829452307
🌷🌷🌷पंचांग🌷🌷🌷 07 अप्रैल 2017, शुक्रवार www.astroyatra.काम विक्रम संवत - 2074 अयन - उत्तरायण गोलार्ध - उत्तर ऋतु - बसन्त मास - चैत्र पक्ष - शुक्ल तिथि - एकादशी नक्षत्र - मघा योग - शूल करण - विष्टि राहुकाल:- 10:30 AM - 12:00 PM सूर्योदय - 06:08 सूर्यास्त - 18:41 🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉 व्रत - कामदा एकादशी व्रत। उत्सव, पर्व - श्री विष्णु दोलोत्सव। 🌷🌷🌷विशेषः-🌷🌷🌷 इस दिन भगवान विष्णु की पूजा का विधान है। इस दिन व्रत रखने वाले व्यक्ति पाप मुक्त होते है। नये कार्य प्रारम्भ करते समय चौघडिया मुहूर्त का विशेष ध्यान रखे। 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 चोघड़िया मुहूर्त- एक दिन में सात प्रकार के चोघड़िया मुहूर्त आते हैं, जिनमें से तीन शुभ और तीन अशुभ व एक तटस्थ माने जाते हैं। इनकी गुजरात में अधिक मान्यता है। नए कार्य शुभ चोघड़िया मुहूर्त में प्रारंभ करने चाहिएः- दिन का चौघड़िया चौघड़िया प्रारंभ अंत विवरण लाभ 07:38 09:13 शुभ अमृत 09:13 10:48 शुभ शुभ 12:23 13:57 शुभ रात्रि का चौघड़िया चौघड़िया प्रारंभ अंत विवरण लाभ 21:32 22:57 शुभ शुभ 00:22 01:47 शुभ अमृत 01:47 03:12 www.astroyatra.com शुभ हितैषी मुकेश गौड़ जयपुर श्रीज्योतिषी केंद्र मोबाईल नं: 98294--52307
🌷🌷🌷पंचांग🌷🌷🌷 06 अप्रैल 2017, गुरूवार www.astroyatra.com विक्रम संवत - 2074 अयन - उत्तरायण गोलार्ध - उत्तर ऋतु - बसन्त मास - चैत्र पक्ष - शुक्ल तिथि - दशमी नक्षत्र - आश्लेषा योग - घृति करण - गर राहुकाल:- 01:30 PM - 03:00 PM सूर्योदय - 06:09 सूर्यास्त - 18:41 🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉 व्रत, उत्सव, पर्व - नवरात्र व्रत का पारण, श्री धर्मराज दशमी। 🌷🌷🌷विशेषः-🌷🌷🌷🌷 शनि वक्री। इस प्रभाव से बाजार में एकदम तेजी मन्दी के झटके प्रारम्भ होगें। तीन दिन पश्चात् तीन दिन के लिए मन्दी के योग बनते है। इस दौरान वायु वेग बढेगा। 💐💐💐💐💐💐💐💐💐 चोघड़िया मुहूर्त- एक दिन में सात प्रकार के चोघड़िया मुहूर्त आते हैं, जिनमें से तीन शुभ और तीन अशुभ व एक तटस्थ माने जाते हैं। इनकी गुजरात में अधिक मान्यता है। नए कार्य शुभ चोघड़िया मुहूर्त में प्रारंभ करने चाहिएः- दिन का चौघड़िया चौघड़िया प्रारंभ अंत विवरण शुभ 06:04 07:39 शुभ लाभ 12:23 13:58 शुभ अमृत 13:58 15:33 शुभ शुभ 17:07 18:42 शुभ रात्रि का चौघड़िया चौघड़िया प्रारंभ अंत विवरण अमृत 18:42 20:07 शुभ लाभ 00:23 01:48 शुभ शुभ 03:13 04:38 शुभ अमृत 04:38 06:03 शुभ www.astroyatra.com शुभ हितैषी मुकेश गौड़ मोबाईल नं0: 9829452307
🌷🌷🌷पंचांग🌷🌷🌷 10 अप्रैल 2017, सोमवार www.astroyatra.com विक्रम संवत - 2074 अयन - उत्तरायण गोलार्ध - उत्तर ऋतु - बसन्त मास - चैत्र पक्ष - शुक्ल तिथि - चतुर्दशी नक्षत्र - हस्त योग - ध्रुव करण - वणिज राहुकाल :- 07:30 AM - 09:00 AM सूर्योदय - 06:05 सूर्यास्त – 18:43 🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉🕉 व्रत उत्सव व पर्व - सत्यनारायण व्रत। दिवस - गुरू हरकिशन जोति जोत। 🌷🌷🌷विशेषः-🌷🌷🌷 यह दुर्गा उपासना का विशेष दिवस हैं। इस दिन लक्ष्मी व विष्णु की इकट्ठी पूजा करने का विधान है।🌺🌺🌺🌺🌺🌺🌺 चोघड़िया मुहूर्त- एक दिन में सात प्रकार के चोघड़िया मुहूर्त आते हैं, जिनमें से तीन शुभ और तीन अशुभ व एक तटस्थ माने जाते हैं। इनकी गुजरात में अधिक मान्यता है। नए कार्य शुभ चोघड़िया मुहूर्त में प्रारंभ करने चाहिएः- दिन का चौघड़ियारू. चौघड़िया प्रारंभ अंत विवरण अमृत 06:00 07:36 शुभ शुभ 09:11 10:47 शुभ लाभ 15:33 17:09 शुभ अमृत 17:09 18:44 शुभ रात्रि का चौघड़िया चौघड़िया प्रारंभ अंत विवरण लाभ 22:56 00:23 शुभ शुभ 01:47 03:11 शुभ अमृत 03:11 04:35 शुभ www.astroyatra.com शुभ हितैषी मुकेश gaur मोबाईल नं: 98294-52307
www.astroyatra.com मांगलिक दोष सब जानते हैं कि लग्न कुंडली मे 1, 4, 7, 8, 12 वे भवन में मंगल बिराजमान हैं तो कहलाता है। अपवाद- यदि मंगल लग्न स्थान में मेष का, 4थे भूवन में वृश्चिक का, 7वे भुवन में मकर या मीन का, आठवे भूवन में कर्क का और 12 वें भूवन में धनु का स्थित हो तो मंगल दोष नहीं 🙏🙏🙏🙏🙏🙏 प्रेम विवाह, कारोबार, ग्रह क्लेश, पित्रदोष, विवाह बंदन आदि समस्याओं के लिये सम्पर्क करे, मुकेश गौड़ जयपुर फ़ोन-09829452307/09829055802
4 अप्रैल 2017, चैत्र शुक्ल 8 नवरात्रि Jyotish.pt mukesh gaur jaipur Mobile....09829452307 http://www.astroyatra.com नवदुर्गा हिन्दू धर्म में माता दुर्गा अथवा पार्वती के नौ रूपों को एक साथ कहा जाता है। इन नवों दुर्गा को पापों की विनाशिनी कहा जाता है, हर देवी के अलग अलग वाहन हैं, अस्त्र शस्त्र हैं परंतु यह सब एक हैं। निम्नांकित श्लोक में नवदुर्गा के नाम क्रमश: दिये गए हैं-- प्रथमं शैलपुत्री च द्वितीयं ब्रह्मचारिणी। तृतीयं चन्द्रघण्टेति कूष्माण्डेति. चतुर्थकम्।। पंचमं स्कन्दमातेति षष्ठं कात्यायनीति च। सप्तमं कालरात्रीति.महागौरीति चाष्टमम्।। नवमं सिद्धिदात्री च नवदुर्गा: प्रकीर्तिता:। उक्तान्येतानि नामानि ब्रह्मणैव महात्मना:।। महागौरी माँ दुर्गाजी की आठवीं शक्ति का नाम महागौरी है। दुर्गापूजा के आठवें दिन महागौरी की उपासना का विधान है। इनकी शक्ति अमोघ और सद्यः फलदायिनी है। इनकी उपासना से भक्तों को सभी कल्मष धुल जाते हैं, पूर्वसंचित पाप भी विनष्ट हो जाते हैं। महागौरी : मां दुर्गा का आठवां स्वरूप नवरात्रि में दुर्गा पूजा के अवसर पर बहुत ही विधि-विधान से माता दुर्गा के नौ रूपों की पूजा-उपासना की जाती है। आइए जानते हैं आठवीं देवी महागौरी के बारे में :- यह अमोघ फलदायिनी हैं और भक्तों के तमाम कल्मष धुल जाते हैं। पूर्वसंचित पाप भी नष्ट हो जाते हैं। महागौरी का पूजन-अर्चन, उपासना-आराधना कल्याणकारी है। इनकी कृपा से अलौकिक सिद्धियां भी प्राप्त होती हैं। नवरात्रि में आठवें दिन महागौरी शक्ति की पूजा की जाती है। नाम से प्रकट है कि इनका रूप पूर्णतः गौर वर्ण है। इनकी उपमा शंख, चंद्र और कुंद के फूल से दी गई है। अष्टवर्षा भवेद् गौरी यानी इनकी आयु आठ साल की मानी गई है। इनके सभी आभूषण और वस्त्र सफेद हैं। इसीलिए उन्हें श्वेताम्बरधरा कहा गया है। 4 भुजाएं हैं और वाहन वृषभ है इसीलिए वृषारूढ़ा भी कहा गया है
www.astroyatra.com जानिए श्रीराम, भरत, लक्ष्मण और शत्रुध्न के जन्म का समय, वार, तिथि, नक्षत्र 1— श्री राम जी का जन्म 10 जनवरी 5114 ईसा पूर्व दोपहर बारह बजे हुआ । यदि इसे आधुनिक कलेंडर में बदलें तो (चैत्र मास , शुक्लपक्ष , तिथि नवमी, पुनर्वसु नक्षत्र और कर्क लग्न प्राप्त होता है ।) जिसे बाल्मीक जी ने अपनी रामायण में दर्शाया है। 2–श्री भरत जी का जन्म 11 जनवरी 5114 ईसा पूर्व सुबह चार बजे हुआ। (पुष्प नक्षत्र, मीन लग्न, )*              3–लक्ष्मण तथा शत्रुध्न का जन्म 11 जनवरी 5114 ईसा पूर्व ग्यारह बजकर तीस मिनट पे हुआ। ( अश्लेखा नक्षत्र, कर्क लग्न)* 4–राम बडे थे भरत जी से 16 घन्टे । 5— राम बडे थे लखन और शत्रुघ्न से साढे तेइस घन्टे ।* 6–भरत बडे थे लखन और शत्रुघ्न से साढे सात घन्टे ।* 🙏🙏🙏🙏🙏🙏 प्रेम विवाह, कारोबार, ग्रह क्लेश, पित्रदोष, विवाह बंदन आदि समस्याओं के लिये सम्पर्क करे, मुकेश गौड़ जयपुर फ़ोन-09829452307/09829055802
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